विशेष

जिंदगी

       जिंदगी जिंदगी फूल- सी है, कुदरत की गोद में खिलती है, मुस्कराती है, खुशबू से फिजा को महकाती है, और एक दिन बिखरकर, बसुन्धरा की ग...

शुक्रवार, 17 फ़रवरी 2017

प्रेरक

कर्म 

जन्म सब लेते हैं,
कर्म भी सब करते हैं ,
किन्तु कुछ खास होते हैं ,
जो अपने कर्मों से
इतिहास बनाया करते हैं । 


कर्म-पथ 

कर्म पथ सरल नहीं,
यह मैंने अनुभव से सीखा है ,
शिक्षा-जगत की फुलवारी को 
मैंने अपने श्रम-सीकर से सींचा है । 
उम्र नहीं बाधा मेरे कर्म-पथ की ,
मंजिल को मैनें मुट्ठी में मींचा है । 

सोच 

जिंदगी का यह है तजुर्बा 
सोच से जीत और हार होती है ,
यह भी सच है ,
जिनकी सोच होती है ऊँची 
उन्हीं के गले में जीत की हार होती है । 

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